सूटकेस पर सोता बच्चा…बाजुओं से खींचती मां

वैंसे तो ये तस्वीर या फिर ये शीर्षक ही काफी हैं अपने आप में सबकुछ कहने को लेकिन फिर भी मिसाल के तौर पर इस घटना को देख लेते है कि आखिर बात क्या हैं। ईश्वर भी जिसके आगे नतमस्तक हैं वो है मां जो हर युग में भगवान से बड़ीं हा रही है। वैसे तो इस बात को किसा प्रमाण की जरूरत नहीं हैं। बात हैं आगरा की जहां कोरोना वायरस के इस खतरनाक दौर में कई मजदूर एक जगह से दूसरे जगह को जाने को मजबूर हैं, उसी में एक तस्वीर सामने आई है कि एक मां जो की भूखी हैं पैदल चलने को मजबर हैं , साथ ही एक अटैची पर अपने 8 साल के बच्चे को खींचतीं नजर आई। ये किसी को भी ये बताने के लिए काफी हैं कि एक मां चाहे तो सबकुछ कर सकती है। सूटकेस किसने पर मजबूर मां ईश्वर से बड़ा कोई इस पृथ्वी पर अगर है तो वह मां है यह बात कई बार ही अपने आप में सच साबित हुई है लेकिन अब की बार इसका प्रमाण भी देखने को मिला है योग डाउन के दौरान जहां देश में श्रमिक स्पेशल एसी स्पेशल ट्रेनों को चलाया जा रहा है जगह-जगह खाना दिया जा रहा है करोड़ों का बजट आवंटित किया जा रहा है वहीं उत्तरप्रदेश के आगरा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जहां पर ईश्वर से बड़ा कोई पृथ्वी पर है वह मां है इस बात को प्रमाणित किया गया है प्रमाणित हुआ है बात आगरा की है जहां पर कई मजदूर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पलायन के लिए मजबूर हैं इसलिए क्योंकि ना कि उनके पास खाना है ना ही उनके पास आनी है पीने को और ना ही उनके पास रहने को घर है ऐसे में एक तस्वीर वहां से सामने आई जिसमें सब को हिला कर रख दिया जहां पर एक सूटकेस को ओर खींच रही है और आश्चर्य की बात यह है कि सूट केस पर वह अपने बेटे को भी साथ में खींच रही है । ये तस्वीर जिसने भी देखी वो रो दिया। एक तरफ हम करोड़ रुपये के पैकेज को देख कर खुश हो रहे हैा वहीं दूसरी तरफ ऐसे कई उदाहरण हैं जिसे देखने के बाद बड़ी पीड़ा होती है। आगरा से आई ये तस्वीर जरूरी नहीं कि एक ही हो ऐसी कई तस्वीर हैं जो सामने नहीं आ पा रहीं है, इसलिए जो सामने आ रही हैं वो छप रही है और जो सामने नहीं आ पा रही वो छिप रही हैं। दोस्तो यकीन मानिए ये इच्छाशक्ति सिर्फ हिंदुस्तान में ही देखने को मिल सकती हैं। जहां मां को हर परिस्थिति में अपना बच्चा याद रहता हैं। एक लेखक, पत्रकार और एक कवि के तौर पर मुझे मुनव्वर राना की कुछ पंक्ति याद आती हैं… खुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख्शी है, कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं…

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