एलन मस्क की कंपनी SpaceX के कारण स्पेस ऑब्जेक्ट्स के बीच टक्कर, अंतरिक्ष में जमा होगा कचरा

(संवादाता  समीना एजाज की रिपोर्ट)

 

Elon Musk की कंपनी SpaceX सारी दुनिया में अपने स्टारलिंक इंटरनेट नेटवर्क को फैलाने के लिए बड़ी संख्या में रॉकेट लॉन्च कर रही है और इसके लिए कक्षा में सैटलाइट प्रक्षेपित की जा रही हैं ।  स्पेस इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक मस्क की कंपनी ऐसा करके स्पेस ऑब्जेक्ट्स के बीच टक्कर होने की आशंका बढ़ती जा रही है। इससे अंतरिक्ष में और अधिक कचरा भी पैदा हो सकता है। एलोन मस्क के SpaceX  स्टारलिंक ने करीब 1300 सैटलाइट कक्षा में प्रक्षेपित किए हैं और साल 2027 तक 40 हजार सैटलाइट्स भेजने की योजना है।

 

 स्टारलिंक का अंतरिक्ष में दबदबा 

 

स्टारलिंक ने पहले यह कहा कि सैटलाइट आयन ड्राइव के कारण किसी और स्पेस ऑब्जेक्ट से टकराने से से बच सकती हैं लेकिन अगर सैटलाइट्स का संपर्क या ऑपरेशन कक्षा में फेल हो गया तो फिर वे स्पेस ट्रैफिक के लिए खतरा हो सकती हैं। LEO यानी की धरती की निचली कक्षा में स्टारलिंक सैटलाइट स्पेस ऑब्जेक्ट आबादी पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं। 

 

हारवर्ड-स्मिथसनियन सेंटर फॉर ऐस्ट्रोफिजिक्स के ऐस्ट्रोनॉमर जोनाथन मैकडॉवल ने इंसाइडर से बतया  है की LEO में 300 दूसरी सैटलाइट हैं जबकि करीब 1300 स्टारलिंक सैटलाइट।

 

अगर इन सभी की आपस में टक्कर हो गई तो इनसे हाइपरसोनिक शॉकवेव निकलेंगी और सैटलाइट्स को भी उड़ा देंगी। इससे जो मलबा निकलेगा वह धरती के ऊपर एक परत बना देगा। इससे अन्य स्पेस यूजर्स और ऐस्ट्रोनॉमर्स को भी परेशानी होगी। नवंबर में मैकडॉवल ने  कैलकुलेट किया कि 2.5% स्टारलिंक के सैटलाइट कक्षा में फेल होने की आशंका हैं। यह संख्या तो बड़ी नहीं है लेकिन अगर बड़े स्तर पर देखा जाए तो कुल सैटलाइट्स में से 1000 से अधिक खराब हो सकती हैं।

 

उन्के मुताबिक स्पेस में फैले कचरे को लेकर किसी एक को जिम्मेदार ठहराया नहीं जा सकता है। सभी सरकारों से लेकर कमर्शल और सिविल कंपनियों ने भी इसमें अहम किरदार  निभाया है। उन्होंने यह भी कहा कि कि टक्कर के खतरे को कम करने के लिए गाइडलाइन्स का पालन भी करना होगा, स्पेस में परिस्थिति की समझ को ओर भी बेहतर करना होगा और सैटलाइट कंपनियों के बीच डेटा को भी शेयर करना पड़ेगा।

 

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