क्या आरुषि के हत्या का पीछे उनके माता पिता का हाथ था? आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय देगा फैसला

गुरूवार को दोपहर करीब दो बजे इस मामले में दोषी करार दिए गए तलवार दंपत्ति की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से फैसला आएगा। पूरा देश एक शहरी परिवार में इस विचित्र अपराध कथा की हर बारीकी पर नजर रखता रहा है। लेकिन, अंत मे ऐसा फ़ैसला आया, जो महज दो मिनट में सुना दिया गया और जिससे सवाल ही ज्यादा खड़े हुए। कोर्ट ने आरुषि तलवार के मां-बाप को दोषी मानते हुए 26 नवंबर, 2013 को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद दोनों को डासना जेल भेज दिया गया ।

नोएडा के चर्चित आरुषि-हेमराज मर्डर केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगा। राजेश-नुपुर तलवार दंपत्ति की अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ये फैसला सुनाएगा। सीबीआई की विशेष अदालत ने तलवार दंपत्ति को अपनी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज के कत्ल का दोषी पाया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। CBI की अदालत ने राजेश और नुपुर तलवार को डबल मर्डर का दोषी पाया था और दोनों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। उम्रकैद की इसी सजा के खिलाख आरुषि के माता-पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट गए और अपील दायर की।
न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति एके मिश्रा की खंडपीठ ने तलवार दंपति की अपील पर सात सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। और फैसला सुनाने की तारीख 12 अक्टूबर तय की थी।

जानिए, मर्डर से कुछ चर्चित बातें

पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस केस की कहानी 2008 में शुरू हुई थी। 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव बरामद हुआ। अगले ही दिन पड़ोसी की छत से नौकर हेमराज का भी शव मिला। पुलिस ने इस केस से जुड़े आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया। 29 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की जांच के दौरान तलवार दंपति पर हत्या के केस दर्ज हुए।

मर्डर केस में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर 2013 को नुपुर और राजेश तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। सीबीआई के फैसले के खिलाफ़ आरुषि की हत्या के दोषी माता-पिता हाई कोर्ट गए और अपील दायर की। राजेश और नुपुर फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि हेमराज के पास आरुषि के कमरे को छोड़कर सभी चाबियां रहती थीं।

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