मुख्तार अंसारी: जेल के बंदी व कर्मचारी बाहुबली की वापसी से खुश,जेल के तमाम बंदियों ने बैरीकेड का किया विरोध

(संवादाता  समीना एजाज की रिपोर्ट)

 

पुलिस और बांदा प्रशासन दोनों ही भले मुख्तार अंसारी के पुन: बांदा जेल आने पर घबराए हुए और व्यथित हो, लेकिन जेल के अंदर का माहौल इससे बिल्कुल ही उलट है। सूत्रों ने दी जानकारी के मुताबिक जेल के अधिकांश बंदी और कर्मचारीयों में बाहुबली की वापसी से खुशी का माहौल हैं। 

 

इसकी वजह यह है कि पिछली बार करीब 34 महीने यहां रहे मुख्तार अंसारी ने बंदियों और जेल पुलिस कर्मियों से किसी भी तरह की बदसलूकी  नहीं की थी। हिन्दू मुस्लिम हर एक त्योहारों  के मौके पर मुख्तार बंदियों  पर खास मेहरबान होता था। जेल की कैंटीन से सामान खरीदकर अपने पैसे से अच्छा खाना बनवाता था। इतना ही नहीं बल्कि मुख्तार से जरूरतमंद बंदियों को आर्थिक मदद भी मिलती थी। जो कि  मुख्तार अंसारी उनकी मदत करते थे,इन सभी कामों के कारण बंदियों के दिल में मुख्तार के प्रति हमदर्दी और लगाव है।

 

मुख्तार अंसारी  जेल के बंदी व कर्मचारी बाहुबली की वापसी से खुश,जेल के तमाम बंदियों ने बैरीकेड का किया विरोध

 

बांदा जेल की बैरक नंबर 15 में रखा जाएगा मुख्तार अंसारी को

 

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी बांदा जेल की बैरक नंबर 15 में इससे से पहले भी रह चुके हैं।  जेल के प्रभारी अधीक्षक प्रमोद तिवारी के मुताबिक मुख्तार अंसारी की सुरक्षा की दृष्टि से यह बैरक ही ठीक है। 

 

बैरक नंबर 15 के इर्दगिर्द जेल प्रशासन ने कंटीले तार लगा करकर दी बैरिकेडिंग 

 

मुख्तार अंसारी की बैरक नंबर 15 के इर्दगिर्द जेल प्रशासन ने कंटीले तार लगाकर बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि अन्य बैरकों के बंदी यहा तक न पहुंच पाएं। जेल प्रशासन ने यह कदम सुरक्षा के मद्देनजर लिया है, लेकिन बंदियों को इस घेराबंदी से एतराज है और जेल के तमाम बंदियों ने इसका विरोध भी किया है। कहा कि जब मुख्तार को कोई भी दिक्कत नहीं है, तो फिर जेल प्रशासन बेकार में क्यों परेशान है।

 

पुलिस चौकी में भी घेराबंदी

 

बांदा के जरैली कोठी, हरदौली,  क्योटरा आदि मोहल्लों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले जेल पुलिस चौकी भी अब घेराबंदी में हो गई है। जेल गेट के बाहर की ओर स्थित गैराज में पुलिस चौकी चल रही है। मुख्तार अंसारी के आने के बाद अब जेल सड़क किनारे स्थित पहला गेट ही आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। ऐसे में फरियादी भी पुलिस चौकी तक नहीं पहुंच पा रहे। दुसरी ओर उधर, मंगलवार को पुलिस की सख्ती के कारण जेल बंदियों के परिजन जरूरी सामान भी बंदियों तक पहुंचा सके। जेल की कालोनी में रहने वाले परिवारों को भी दो दिन तक परिसर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। सिर्फ स्टाफ कर्मचारी को ही  बाहर आने-जाने की छूट हैं।

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